5/29/18

बच्चों को मोबाइल से क्यों दूर रखना चाहिए | Why should children be kept away from mobile

आज के समय में मोबाइल के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते. मोबाइल हमारे जीवन का एक हिस्सा बन चूका है, क्योकि मोबाइल फ़ोन ने हमारे कई सारे काम आसान कर दिए है. मोबाइल फ़ोन जितना उपयोगी है उतना ही हानिकारक भी है, क्योकि आजके बच्चे मोबाइल, कंप्यूटर या टेलीविज़न के आदी हो चुके है.  खाना कहते समय टीवी देखना एक आम बात बन चुकी है. खाना खाने के बाद मोबाइल में खेलना या कंप्यूटर पर कुछ करना बच्चो की सामान्य आदत बन चुकी है. पेरेंट्स के लिए ये आदते सिरदर्द के जैसी हो चुकी है. कई सारे पेरेंट्स बेदरकार होते है और अपने बच्चों को ये सारी चीजे करने से मना नहीं करते; लेकिन ऐसे पेरेंट्स को जरूर जानना चाहिए की अपने बच्चो को मोबाइल फ़ोन से क्यों दूर रखना चाहिए. और मोबाइल फोन से कौन कौन से नुकशान होते है. आशा करता हु यह उपयोगी हिन्दी आर्टिकल आपको जरूर पसंद आएगा. चलो, देखते है अपने प्यारे बच्चों को मोबाइल फ़ोन से क्यों दूर रखना चाहिए.



पहला नुकसान वजन बढ़ना:
मोबाइल या कंप्यूटर पर गेम खेलते रहने से बच्चे आउट डोर गेम्स के दूर भागने लगते है. जिससे शारीरिक कसरत नहीं हो पाती है और बच्चों का वजन बढ़ने लगता है. पहले के समय की तुलना में आजके बच्चे ज्यादा मेदषवी और आलसी होते जा रहे है. पहले के समय की तुलना में आज के बच्चों की शारीरिक क्षमता भी कम होती जा रही है. बार-बार सो जाते है और कुछ काम के लिए कहा जाये तो भी मन कर देते है. वास्तव में बच्चों का ऐसा वर्ताव चिंता की बात है.

दूसरा नुकसान आंखें कमजोर होना:
लगातार टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन की स्क्रीन के सामने रहने से बच्चों की आँखे कमजोर होने लगती है और बहुत कम उम्र में चश्मे आ जाते है. आजके समय में ज्यादातर बच्चे यह समस्या से परेशान है. दूषित हवा, पानी और खुराक के बाद चश्मे आने की कोई खास वजह है तो वह है टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन का ज्यादा उपयोग.



तीसरा नुकसान स्वभाव गुस्से वाला हो जाना:
मोबाइल पर या कंप्यूटर पर लगातार हिंसक गेम खेलने की वजह से बच्चों में हिंसा बढ़ती है और धीरे-धीरे स्वाभाव गुस्से वाला हो जाता है. छोटी-छोटी बात में जिद्द करने लगता है. जिद्द करना या बात-बात में गुस्सा करना आज-कल आम समस्या हो चुकी है. यह हिंसा जो बच्चों के दिमाग में इनस्टॉल हो चुकी है वो आगे जा कर उसे गलत राह पर ले जा सकता है. अभी से बच्चों को समजा कर ये चीजों के उपयोग करने से दूर रखना चाहिए.

चौथा नुकसान दिमाग और कान का कैंसर होना:
आज के विज्ञानं ने यह साबित कर दिया है की मोबाइल फ़ोन के रेडिएशन से दिमाग और कण का कैंसर हो सकता है. यह खतरनाख रेडिएशन बच्चों को बहुत जल्द असर करते है. एप्पल फ़ोन कंपनी का मालिक उनके बच्चे को मोबाइल फ़ोन से दूर रखते थे इसकी वजह यह थी. हम बच्चो की जिद्द के आगे हार मन लेते है और उसे मोबाइल खेलने के लिए दे कर पीछा छुड़ा लेते है और हम एक कॉमन डायलाग बोलते है की क्या करू वह मंटा हिअ नहीं है. हमें उसे प्रेशर से नहीं पर प्यार से समजा कर मोबाइल फ़ोन से दूर रखने की कोशिष करनी चाहिए.

पाँचवा नुकसान अभ्यास से मन उठ जाना:
लगातार टीवी देखने से और कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन का उपयोग करने से बच्चे अभ्यास में एकाग्र नहीं हो पते है और धीरे-धीरे अभ्यास से मन उठ जाता है. ऐसा होने से वो अभ्यास में पीछे रह जाते है और कम मार्क्स आने पर वो हतास हो जाते है और उनकी हतासा डिप्रेशन तक ले जा सकती है. एक कहावत है की जब से जागे तब से सुबह. अब से बच्चों को समजा कर टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन से जितना हो सके उतना दूर रखने की पूरी कोशिष करे और बनाये अपने बच्चे को जीनियस.

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