9/14/17

कैसे करे मधुमेह को कंट्रोल, How to control diabetes with natural ways without medication in Hindi

Diabetes
मधुमेह एक गंभीर समस्या है और इससे निजात पाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है. कई साडी चीजों का ख्याल रखना पड़ता है. खास तौर पर अपने स्वास्थ्य का बहुत ख्याल रखना पड़ता है. मधुमेह के दर्दी को अच्छा स्वास्थ्य रखने के लिए मधुमेह को को नियंत्रण में रखना जरूरी होता है और उसके लिए उचित आहार लेना अत्यंत जरूरी है. यदि मधुमेह से ग्रस्त मरीजों अनुचित भोजन लेते है, तो स्वस्थ्य बिगड़ने के साथ-साथ कई अन्य बीमारियों के जोखिम भी बढ़ जाता है. यह आवश्यक है कि मधुमेह के रोगी को यह जानना चाहिए कि क्या खाएं, क्या खाये और क्या सही आहार है. चीनी, मिश्री, मीठा पेय, मिठाई, शहद, गुड़, खूब मीठे फल, केक पेस्ट्री जैसी चीजे खाये या डॉक्टर की सलाह लेकर कम खाये. आइये जानते है डायबिटीज को हमेशा कंट्रोल में रखने के लिए कौन-कौन सी औषधि का प्रयोग करना चाहिए. यहां दिए गए प्रयोग में से आप जो सरलता से कर सकते हो उसे अपना कर डायबिटीज को कंट्रोलकर सकते हो.

जामुन डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददरूप होता है. जामुन की सीजन में रोज पांच से छः जामुन खाये. ज्यादा लाभ पाने के लिए जामुन के बीज का दो चमच्च पाउडर गुनगुने पानी के साथ रोज सुबह खली पेट पिए. जामुन बॉडी स्टार्च को शुगर में परिवर्तित होने से रोकने का काम करता है. यह ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है. बाजार में तैयार जामुन पाउडर मिल रहा है, आप ऑनलाइन भी मंगा सकते हो.

ग्रीन टी भी डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करती है. रोज सुबह नास्ते से पहले एक कप ग्रीन टी पिए, क्योकि ग्रीन टी में पॉलीफिनॉल ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में होता है. पॉलीफिनॉल ऑक्सीडेंट ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है. आप चाहो तो दिन में भी जब चाय पिने की जरूरत हो तब ग्रीनटी पिने का आग्रह रखे.

अलसी भी डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददरूप होती है. रोज सुबह एक चमच्च भुनी हुई अलसी खाये और बाद में एक गिलास गुनगुना पानी पिए. अलसी में ज्यादा मात्रा में फाइबर होता है. यह फाइबर हमारे शरीर का शुगर और फैट को अब्सॉर्ब करने का काम करता है और इसी लिए डायबिटीज कंट्रोल में रहती है.

शर्दियो की मौसम में अमरुद आसानी से मिल सकता है. यह अमरुद वैसे तो कई सारे लाभ प्रदान करता है, लेकिन डायबिटीज को कण्ट्रोल करने में अच्छा योगदान रहता है. अमरुद की सीजन में रोज एक अमरूद खाये. अमरुद में विटामिन सी और फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है. विटामिन सी और फाइबर ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद करते है.

नीम के पत्ते सभी जगह पर आसानी से उपलब्ध होते है. रातको एक गिलास जितने पानी में आठ से दस नीम के पत्ते दाल कर उसे उबाले, जब पानी आधा जितना हो जाये तब उसे छान ले. सुबह खली पेट यह पानी पिए. नीमke पत्ते हमें शरीर में रहे इंसुलिन की मात्रा बढाता है और ब्लड शुगर लेवल को कम करतने में मदद करता है.

आम के पेड़ के पत्ते का प्रयोग भी लाभदायक होता है. रात के समय आम के आठ सेआमdas पत्ते को पीस कर पानी में भिगो दे और सुबह यह पानी को छान कर खली पेट पिए. आम के पेड़ के पत्ते भी नीम की तरह इंसुलिन का लेवल सही रखने में और शुगर की मात्रा काम करने में मददरूप होते है.

मेथी दाना के बारे में शायद आपने कई बार सुना होगा. मेथी दाना डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी सहायता करता है. एक चमच्च मेथी दाना को एक गिलास पानी में रातभर भीगने दे. सुबह यह पानी खली पेट पिए और मेथी डेन को चबा कर खाए. मेथी दाने में हायपोग्लैमिक प्रॉपर्टी होती है, जो हमारी बॉडी में ग्लूकोस की मात्रा कम करके ब्लड शुगर लेवल को ठीक करने में सहायता करती है.

करेले होते है कड़वा, लेकिन उसका स्वभाव मीठा होता है. वैसे तो करेला खाने से कई सारी बीमारी दूर रहती है, लेकिन डायबिटीज कंट्रोल करने में बहुत अच्छा योगदान रहता है. रोज सुबह करेले का जूस पिए और हर वीक में एक बार करेले की शब्जी खाये. करेले में बायोकेमिकल्स होते है, जो पेन्क्रियास में इंसुलिन की मात्रा बढ़ाने में और ब्लड शुगर लेवल कम करने में सहायता करता है.

दालचीनी एक रसोई घर का मसाला है. जोड़ो के दर्द एवम वजन कम करने में दालचीनी मददरूप होती है. डायबिटीज को काबू में रखने के लिए भी दालचीनी का अच्छा योगदान रहता है. रोज चाय में दालचीनी पाउडर मिलाकर चाय पिए. आप चाहे तो दालचीनी को अपने डाइट में भी शामिल कर सकते हो. दालचीनी में बायोएक्टिव तत्व होता है, यह बायोएक्टिव ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखे के लिए मददरूप होता है.

ईसबगोल कब्ज के लिए अक्सीर माना जाता है. कब्जे के आलावा डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए भी ईसबगोल मददरूप होता है. यह मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल सकता है. रोज खाना खाने के बाद एक कप पानी या दूध में एक चमच्च ईसबगोल डालकर पिए. आयुर्वेद में भी ईसबगोल को श्रेष्ठ औषधि मानी गयी है जो ब्लड शुगर को अच्छी तरह कंट्रोल करता है.
आंवला एक श्रेष्ठ आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है. आयुर्वेद में भी आंवला की अच्छी तरह  तारीफ की जाती है. आंवला की सीजन में आंवला आसानी से मिल जाते है. रोज एक कप पानी में दो से तीन चमच्च आंवला का रस मिलकर पिए. कच्चे आंवले भी खा सकते हो. आंवले में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में होता है. विटामिन सी से पेन्क्रियास ठीक तरह कार्य कर सकता है. इसे खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है.

दाल या सब्जी का टेस्ट बढ़ाने वाले करी पत्ते एक आयुर्वेदिक औषधि का भी काम करते है. करी पत्ते दिल को स्वस्थ रखने का काम करता है. वजन काम करने के लिए भी यह पत्ते उपयोग होते है. इतना ही नहीं रोज आठ से दस जितने करि पत्ते चबाके खाने से डायबिटीज में राहत रहती है, क्योकि यह पत्ते में एन्टीडायबिटिक प्रॉपर्टी होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है.

तुलसी एक औषधि पौधा है और सदियों से उसे पवित्र माना जाता है. हर घर में तुलसी का पौधा पाया जाता है, जिसकी वजह से कई सारी बीमारिया दूर रहती है. रोज सुबह खली पेट तीन से चार तुलसी के पत्ते चबाकर खाने से डायबिटीज में रहत मिलती है. तुलसी के पत्ते में एन्टीऑक्सीडेंट होता है जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने में सहायता करता है. चाय में भी तुलसी के पत्ते डाल सकते हो.



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