9/30/17

How to get free insurance from Government Bima Yojana | कैसे पाए बिमा बिलकुल मुक्त

आइये जानते है की दो लाख का एक्सीडेंटल बीमा बिलकुल मुक्त में कैसे मिल सकता है. सामान्य तौर पर बीमा लेने के लिए हमें प्रीमियम चुकाना होता है, लेकिन अगर आप बिलकुल फ्री में एक या दो लाख का बिमा करवाना चाहते हो तो आप के लिए खुस खबर है. गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया आपको अब फ्री में बिमा दे रही है और खास बात यह है की आपको उसके लिए कोई प्रीमियम चुकाना नहीं होगा. आइये  गवर्नमेंट की यह फ्री बीमा योजना के बारे में की यह लाभ उठाने के लिए क्या करना होगा आपको.

यह फ्री इन्शुरन्स के लिए आपका कोई भी बैंक में अकाउंट होना आवश्यक है. आपका अकाउंट जिस बैंक में है वह बैंक से आपको भारत सरकार का कार्ड लेना होगा. अगर आपका बैंक में अकाउंट है और आप भारत सरकार का Rupay कार्ड लेते हो जो क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड है, तो आपको मिलेगा बिलकुल फ्री एक्सीडेंटल इन्शुरन्स.
फाइनेंस राज्य मंत्री संतोषकुमार गंगवार ने बताया है की कोई भी ग्राहक अगर Rupay कार्ड खरीदता है तो ऐसे ग्राहक को दो लाख तक का एक्सीडेंटल इन्शुरन्स फ्री में मिलेगा. वर्तमान में लोगो को यह कार्ड के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और बहुत काम ग्राहक यह स्वदेशी कार्ड का इस्तमाल कर रहे है. इस कार्ड का उपयोग बढे और लोगो में जाग्रति आये इस उद्देश्य से सरकार ने यह निर्णय लिया है, जिसका लाभ कोई भी भारतवासी ले पायेगा.

आइये जानते है RuPay और दूसरे ATM कार्ड में क्या है फर्क. RuPay भारतीय यानि बिलकुल स्वदेशी कार्ड है जबकि Visa और Master कार्ड जैसे अन्य ATM कार्ड विदेशी है. यह RuPay कार्ड की सभी प्रोसेस भारत में होती है. दूसरे कार्ड में प्रोसेसिंग फीस ज्यादा होती है; जबकि RuPay कार्ड में प्रोसेसिंग फीस काम होती है, क्योकि वह बिलकुल स्वदेशी है. यह कार्ड में इंटरनेशनल ट्रांज़ैक्शन का रेट भी कम है. इतना ही नहीं ट्रांज़ैक्शन की स्पीड भी ज्यादा है. यह कार्ड से जो ट्रांज़ैक्शन होता है उसका मैसेज भी कार्डधारक को मिल जाता है.

जान लो कहा से मिलेगा यह कार्ड:
SBI Bank, PNB Bnak और दूसरी सरकारी बैंक यह कार्ड इशू करती है. कई साडी प्राइवेट बैंक भी यह कार्ड इशू कर रही है. आप आपकी बैंक में इसके बारे में जानकारी पा सकते हो. RuPay कार्ड दो तरह के होते है; क्लासिक कार्ड और प्रीमियम कार्ड. क्लासिक कार्ड पर एक लाख का और प्रीमियम कार्ड पर  इन्शुरन्स बिलकुल फ्री मिल रहा है.
आशा रखता हु की यह जानकारी आपको उपयोगी लड़ी होगी. प्लीज, यह पोस्ट को अपने दोस्तों को शेयर करे और उनको भी यह जानकारी के बारे में जरूर बताये. अगर आप नियमित ऐसी उपयोगी पोस्ट पाना चाहते हो तो यह ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर कर लेना ताकि आपको नियमित नयी पोस्ट का मेल मिलता रहे. दोस्तों, यह जानकारी का हिंदी वीडियो जरूर देखे.

9/29/17

Why should not do fasting during these disease | इतनी बीमारी में उपवास रखना क्यों मना है

Fasting
सभी धर्म में उपवास को आध्यात्मिक एवम स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना गया है. आयुर्वेद में उपवास का खास महत्व बताया गया है. योग्य समय पे भूखे रहने से हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है और कई सारी समस्या में लाभ मिल सकता है, लेकिन कुछ ऐसी बीमारी है जिसमें  डॉक्टर या हमारा आयुर्वेद उपवास करना मना करते है. ऐसी बीमारी में भूखा रहने से हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ सकते है.  इतना ही नहीं कई बार गंभीर समस्या का सामना भी करना पड सकता है. आपको जान लेना बहुत ही जरूरी है की कौन-कौन सी बीमारी में उपवास करने से समस्या बढ़ सकती है. आइये जानते है किस तरह के मरीज को भूखा नहीं रहना चाहिए.

अनिमिआ के मरीज को योग्य समय पर उचित डाइट लेना जरूरी होता है. अनिमिआ के मरीज को भूखा नहीं रहना चाहिए. अनिमिआ यानी लोही की कमी हो ऐसे मरीज अगर भूखा रहता है लोही की कमी बढ़ सकती है और ऐसे मरीज के शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है.
हार्ट पेशेंट को उपवास नहीं करना चाहिए. हार्ट पेशेंट अगर लम्बे वक्त तक भूखा रहता है तो  उनके बॉडी फंक्शन पर विपरीत असर होती है. जिनको हार्ट की समस्या है उनको अपने खान-पान और रहन-सहन पर पूरा ध्यान देना चाहिए. यह तकलीफ में नियमितता बहुत ही जरूरी होती है. योग्य वक्त पर दवाई लेना और अपने डाइट को फॉलो करना जरूरी होता है. किसी भी तरह की अनियमितता से हार्ट प्रॉब्लम बढ़ सकता है.

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमे हमें बहुत सावधानी रखनी होती है. डायबिटीज के दर्दी को योग्य वक्त पर खाना और दवाई लेना जरूरी होता है; इसीलिए अगर आपको डायबिटीज है तो कभी उपवास नहीं करना चाहिए और समय पे योग्य डाइट लेना चाहिए.

जिन लोगो को फेफड़े यानि लंग्स की समस्या है उन लोगो को भी उपवास नहीं करना चाहिए. अगर फेफड़े की तकलीफ वाले मरीज उपवास करते है तो फेफड़े की समस्या बढ़ सकती है.

किडनी की समस्या जिन लोगो को है उसे बहुत सावधानी रखनी होती है. योग्य वक्त पर दवाई लेना जरूरी होता है और योग्य वक्त पर योग्य आहार लेना भी जरूरी होता है. किडनी के मरीज को कभी भूखा नहीं रहना चाहिए. अगर किडनी की तकलीफ वाले दर्दी भूखे रहते है तो समस्या बढ़ सकती है, इतना ही नहीं भूखे रहने से किडनी फ़ैल होनी की सम्भावना भी बढ़ सकती है.
अगर किसीने अपने शरीर में ऑपरेशन करवाया है तो ऐसे लोगो को उपवास से दूर रहना चाहिए. जिन लोगो ने ऑपरेशन करवाया है ऐसे मरीज को विटामिन्स और मिनरल्स की खास जरूरत होती है. भूखे रहने से विटामिन्स और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में मिल नहीं पाते और दर्द में रिकवरी आने में ज्यादा समय लग सकता है. योग्य समय पे डॉक्टर के निर्देश के अनुसार पर्याप्त मात्रा में भोजन लेने से मरीज जल्दी से ठीक हो जायेगा.

प्रग्नेंट महिला को कभी भूखा नहीं रहना चाहिए. महिलाए ज्यादा धार्मिक होती है और तरह-तरह के व्रत उपवास करती है. अगर कोई महिला प्रग्नेंट है तो उसे कभी उपवास नहीं करना चाहिए, क्योकि प्रग्नेंट महिला को भी विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है. इस समय उपवास रखने से पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स नहीं मिल पाते और इसी वजह से बच्चे अपर नेगेटिव असर  है. ऐसे वक्त पर भूखे  रहने से थकान और कमजोरी भी महसूस होती है.

बच्चे को ब्रैस्ट फीडिंग करने वाली  महिला को भी उपवास नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से उस माता को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं पाने की वजह से बच्चे को भी पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और बच्चे में कमजोरी आ सकती है.

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगो को भी उपवास करना मना है. अगर हाइपर टेंशन यानि हाई ब्लड प्रेशर का मरीज भूखा रहता है तो उनकी बॉडी सिस्टम ख़राब हो सकती है और उनके स्वास्थ्य पर भी नेगेटिव असर हो सकती है. भूखे रहने से ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है या अनियमित हो सकता है. ऐसे मरीज को भूखे रहने की अनुमति आयुर्वेद और मेडिकल साइंस नहीं देते.
लिवर की समस्या एक जटिल समस्या है. लिवर की समस्या वाले मरीज को कभी भूखा नहीं रहना चाहिए, क्यों की ऐसा करने से लिवर की समस्या बढ़ सकती है, इतना ही नहीं जयादा वक्त तक भूखे रहने से लिवर फेलियर की सम्भावना भी बढ़ जाती है. ऐसे मरीज को योग्य समय पर दवाई और डॉक्टर के मार्गदर्शन के अनुसार योग्य डाइट लेना जरूरी होता है.

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9/27/17

How to increase bike mileage in Hindi | बाइक की माइलेज कैसे बढ़ाये

Motorbike Tips
क्या आप बाइक चलाते हो? अगर "हा" तो आपको यह बाइक टिप्स का उपयोगी आर्टिकल जरूर पढ़ना होगा. आज में आपको बताने जा रहा हूँ कुछ उपयोगी बाइक टिप्स जो आपके बाइक की माइलेज बढ़ाने में उपयोगी होगी. अगर आपकी बाइक भी ज्यादा पेट्रोल पि रही है और माइलेज कम दे रही है तो यह वीडियो पूरा देखे और जाने माइलेज बढ़ाने के विशेष तरीके.

हमारे देश में दिन-प्रतिदिन बाइक की संख्या बढ़ रही है, दूसरी ओर पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे है. ऐसे में ये बिलकुल सरल टिप्स को फॉलो करके आप पैसे बचा सकते हो. इतना ही नहीं अगर आप ये उपयोगी टिप्स को फॉलो करते हो तो आपकी बाइक भी सलामत रहेगी और बाइक की मेंटेनन्स भी कम आएगी  और आपके बाइक की एवरेज भी बढ़ जाएगी. आइये जानते है ऐसी ही कुछ उपयोगी और असरकारक बाइक टिप्स के बारे में जो बाइक की आयुष्य बढ़ा देगी.
बाइक की स्पीड मेन्टेन रखे:
ज्यादातर लोग अपनी बाइक की स्पीड ज्यादा-कम करते रहते है और ऐसा करने से बाइक में ज्यादा फ्यूल उपयोग होता है. एक ही स्पीड पर बाइक चलाने की कोशिष करें. बाइक की स्पीड मेन्टेन रखने से अपने बाइक की माइलेज बढ़ेगी.

चालू बाइक बिना वजह क्लच मत करे:
चालू बाइक क्लच दबाकर रखने की आदत से पेट्रोल का ज्यादा उपयोग होता है एवम बाइक का इंजन भी ख़राब होने का पुरी सक्यता रहती है. बाइक चलते वक्त बिना वजह बाइक की क्लच दबाके न रखे, उसे छोड़ दें. ऐसा करने से पेट्रोल भी बचा पाओगे और बाइक का इंजन भी.

फॉर स्ट्रोक इंजन चौक और सेल्फ से स्टार्ट करें:
जब भी आप अपना फोर स्टॉक इंजन वाली बाइक स्टार्ट करे तब चोक दबाये और सेल्फ स्टार्ट के साथ स्विच ऑन करें. ऐसा करने से आपकी फोर स्ट्रोक इंजन वाली बाइक एवरेज ज्यादा देगी.

बार-बार गियर अप-डाउन न करें:
जरूरत के बिना गियर अप-डाउन करने से एवम बार-बार ब्रेक और क्लच करने से भी ज्यादा पेट्रोल की जरूरत होगी. जब जरूरत हो तब ही गियर को ऊपर-निचे करना चाहिए और योग्य स्पीड पर गियर को बदलना चाहिए. कम स्पीड में दूसरे और तीसरे गियर में ही बाइक चलानी चाहिए.
ट्रैफिक सिग्नल पर बाइक बंद कर दे:
कई बार ट्रैफिक सिग्नल खुलने में एक मिनट से ज्यादा वक्त निकल जाता है, इस दौरान हम हमारी बाइक ऑन ही रखते है. ऐसा करने से पेट्रोल का व्यय होता है. अगर ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट ३० सेकंड से ज्यादा हो तो अपनी बाइक का इंजन बंद कर दें.

अपनी बाइक का नियमित सर्विसिंग करवाए:
योग्य समय पर बाइक की सर्विस करवानी चाहिए और इंजन ऑइल चेंज करवाना चाहिए. अगर ज्यादा दिन तक हम पुराना ऑइल से बाइक चलते है तो बाइक का इंजन ख़राब होने की पूरी सम्भावना रहती है और ऐसा होने से बाइक की माइलेज कम हो जाती है.

दोस्तों, अगर आपको यह उपयोगी आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों को जरूर शेयर करे ताकि वो भी अपनी बाइक में पेट्रोल बचा पाए. अगर ऐसा होगा तो आपको और आपके दोस्तों को तो जरूर से फायदा होने वाला है, लेकिन उससे  भी ज्यादा ख़ुशी की बात होगी की यह पोस्ट शेयर करके आप देशसेवा में भी योगदान दे पाओगे क्योकि पेट्रोल जैसे कुदरती स्त्रोत बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है. अगर आज हम उसे बचते है तो आने वाली पीढ़ी के लिए हमारा सबसे बड़ा योगदान रहेगा.

9/24/17

How to grow your business fast learn from Modi | मोदी से सीखें कैसे बिजनेस में पाए सफलता


PM Narendra Modi
दोस्तों, आगे बढ़ने से पहले में आपको स्पष्ट कर दूं की में कोई पॉलिटिशियन नहीं हु और दूर-दूर तक मेरे परिवार में किसीको पॉलिटिशियन से कोई रिस्ता नहीं है. ना में कांग्रेस को सपोर्ट करता हु ना ही में भाजपा या आम आदमी पार्टी को सपोर्ट करता हूँ. सालो से जो अच्छा उमीदवार होता है उसीको वोट करता आया हूँ, पार्टी चाहे कोई भी हो. लेकिन जो राजनेता या अभिनेता में अच्छे गुण होते है उसे फॉलो करना चाहिए. क्यों की बड़े लोगो से ही हम प्रेरित हो सकते है.

पी.एम. नरेन्द्र मोदी वर्तमान में एक लोकप्रिय राजनेता माना जाता है. वो वडाप्रधान होने के साथ एक अच्छा बिजनेसमैन भी है. बिजनेसमैन के लिए आदर्श भी माने जाते है. मोदी उनकी प्रभावी बाते और सोच लोगो को विशेषरूप से प्रभावित करते है. लोग उनसे प्रेरित होते है. अगर हमें भी अपने बिज़नेस में आगे बढ़ना है तो मोदी के जीवन से कुछ सीखना होगा. आइये जानते है बिज़नेस में सफल होने के लिए मोदी के कुछ मंत्र के बारे में.

पहला मंत्र है टाइम मैनेजमेंट:
सफल बिजनेसमैन बनने के लिए उनके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है टाइम मैनेजमेंट. यदि कोई व्यक्ति टाइम मैनेजमेंट में सक्षम नहीं है, टाइम को अच्छी तरह मैनेज नहीं कर पता है तो वह एक सफल बिजनेसमैन कभी नहीं बन सकता है. हमारे पीएम अति व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद भी अपने दिनचर्या में बहुत स्ट्रिक्ट हैं. मोदी का यह पॉजिटिव पॉइंट की चर्चा केवल हमारे देश भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी होती रहती है. सफलता पाने का पहला मंत्र है समय पालन.

दूसरा मंत्र है पहले काम बाद में आराम:
बिज़नेस में सफलता पाने के लिए बिजनेसमैन के जीवन में लगातार कार्य करना पहली प्राथमिकता होती है, काम पूरा हो जाने के बाद आराम के लिए जगह होनी चाहिए. हमारे प्रधान मंत्री मोदी पहले कार्य पूरा करने में और बाद में आराम करने में विश्वास करते हैं. जब तक काम पूरा हो तब तक सोते नहीं है. इस कारण से उनका छूटी का दिन तय नहीं होता है और इतना ही नहीं सुना है की आज तक उन्होंने एक भी छूटी नहीं ली है. सफलता का दूसरा मंत्र है लगातार कार्य करते रहो.

तीसरा मंत्र है सहयोगी में काम को बाँटना:
सफल बिजनेसमैन वो बन सकते है जो अपने कर्मचारियों में अच्छी तरह काम को बाँट सकते हो. इसके अलावा, उनके काम पर नज़र रखना भी जरूरी होता है. इसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता प्रदान करना भी जरूरी होता है. हमारे प्रधान मंत्री मोदी भी इस प्रकृति के है. वो प्रत्येक सहयोगी मंत्रालय की गतिविधियों का ट्रैक रखते है और आवश्यकता होने पर उनके काम में हस्तक्षेप भी करते है. सफलता का तीसरा मंत्र है सारे काम खुद नहीं करने चाहिए.

चौथा मंत्र है जनसंपर्क बनाये रखना:
बिज़नेस को बढ़ाने के लिए कोई भी बिज़नेस को जनता तक पहुँचाना जरूरी होता है. अपने बिज़नेस को पब्लिक तक पहुंचाने के लिए पब्लिक रिलेशन की आवश्यकता होती है. प्रधान मंत्री मोदी इस कार्य में एक्सपर्ट हैं. उनकी यह खासियत चुनाव के दौरान अक्सर देखि जाती है. कई सारे मौके पर वो प्रोटोकॉल तो तोड़ कर लोगों को मिलते है और लोगों से मिलने का किसी मौके को नहीं छोड़ते है. इसके साथ-साथ वे अपने काम को अच्छी तरह लोगो के सामने पेश करते हैं. यही बात वह अपने मंत्रियों को भी बताते है. सफलता का चौथा मंत्र है नए नए लोगो से सम्बन्ध बनाये और संपर्क बनाये रखे और उनको अपनी प्रोडक्ट और सेवा के बारे में अच्छी तरह बताये.

पांचवा मंत्र है सकारात्मक ब्रांडिंग करना:
अच्छे बिजनेसमैन की यह विशेषता होती है की अपनी प्रोडक्ट या सेवा का सकारात्मक हिस्सा जनता तक पहुंचाए. प्रधान मंत्री मोदी की यह भी एक विशेषता है. हर छोटी से छोटी चीज का ब्रांडिंग बहुत प्रभावी तरीके से करते है और उसको एक इवेंट में बदल देते है. सफलता का पांचवा मंत्र है अपनी प्रोडक्ट या सेवा की अच्छी तरह ब्रांडिंग करना.

छठा मंत्र है एक अच्छा कम्युनिकेटर बनना:
एक अच्छा और सफल बिजनेसमैन वह बन सकता है जो अपनी बात को और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से ग्राहकों तक पंहुचा सके. उसके लिए जरूरी होता है हाजिरजवाबी और एक अच्छा कम्युनिकेटर होना. हमारे प्रधान मंत्री की यह एक बड़ी खाशियत है. सफलता का छठा मंत्र है एक अच्छा वक्ता बनना.

सातवा मंत्र है प्रयोग करने में संकोच करें:
एक सफल बिजनेसमैन की क्वॉलिटी यह होती है कि वह उसी तरह से नहीं चला करते जो आगे से चले आए है, लेकिन कुछ नए नए प्रयोग करते रहते है.  हमारें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इस गुणवत्ता के लिए जाने  जाते  है. नोटबंदी और जीएसटी जैसे कई सारे प्रयोग कर चुके है. सफलता पाने का सातवा मंत्र है बिज़नेस में नए नए तरीके आजमाने चाहिए.
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