12/23/16

नरेंद्र मोदी इतनी स्फूर्ति में कैसे रहते है, How does Narendra Modi live so much Enthusiastic

सामान्य तौर पर पैसठ  साल की उम्र निवृति की उम्र होती है. सामाजिक एवम आर्थिक जवाबदारी से मुक्त हो कर आध्यात्मिक जीवन  के समय पर भारत देश के यानि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पुरे दिन में सिर्फ चार घंटे की नींद ले कर लगातार बिस घंटे काम करते रहते है; फिर भी उनके चेहरे पर कभी थकन नहीं दिखाई देती. एक भी छूती के बिना इतना काम करने के बावजूद भी कभी जम्हाई लेते हुए नजर नहीं आये. इतना ही नहीं पैसठ साल बिता चुके है फिर भी मोदीजी इतने स्फूर्ति में होते है की बिना सहारे चलते या सीधी चढ़ते हुए दिखाई देते है तो लगता है जैसे कोई नवयुवक जा रहा है. लेकिन नरेंद्र मोदी की ऐसी स्फूर्ति के पीछे छिपे रहस्य को सायद ही कोई जानते होंगे. आज में आपको बताने जा रहा हु नरेंद्र मोदी ऑटोबायोग्राफी के आधार पर उनकी स्फूर्ति के पांच बड़े रहस्य. आप भी उनकी स्फूर्ति के बारे में जानकर उसे फॉलो करके आप भी ऐसी गजब स्फूर्ति पा सकते हो.

मोदीजी की स्फूर्ति का सबसे पहला कारन है ब्रह्मचर्य का पालन:
जी हाँ.. ज्यादातर धर्म में कहा गया है की ब्रह्मचर्य का पालन करने से स्फूर्ति एवम कार्यक्षमता बढ़ती है. ब्रह्मचर्य का पालन करने से बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है. वीर हनुमान और स्वामी विवेकानंद जैसे महान अवतार ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले श्रेष्ठ उदहारण है. नरेंद्र मोदी भी ब्रह्मचर्य का पालन करते है और इसी लिए वो हमेशा चुस्ती और स्फूर्ति में रहते है.

मोदीजी की स्फूर्ति का दूसरा महत्वपूर्ण कारन है योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार:
मोदीजी सुबह जल्दी उठकर नियमित रूप से योग, प्राणायाम एवम सूर्यनमस्कार करते है और बाद में चाय-नास्ता लेते है. योग, प्राणायाम और सूर्यनमस्कार नरेंद्र मोदी की स्फूर्ति का महत्वपूर्ण कारन है और इसी लिए इंडिया के आलावा पुरे वर्ल्ड में योग का प्रचार कर रहे है, इतना ही नहीं पुरे विश्व में The World Yoga Day की शुरुआत भी नरेंद्र मोदी ने करवाई है.

मोदीजी की स्फूर्ति का तीसरा कारन है सुबह जल्दी उठना:
आपने ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ नरेंद्र मोदी में पढ़ा होगा की मोदी जी का सोने का वक्त फिक्स नहीं होता, लेकिन उठने का वक्त फिक्स है. रात को वो कभी भी सोये हो लेकिन सुबह चार बजे उठ ही जाते है. अध्यात्म, मेडिकल और विज्ञान सुबह जल्दी उठने से होने वाले फायदे के बारे में समजाते है. उठने को लेकर तीनो का मत एक है.

मोदीजी की स्फूर्ति का चौथा कारन है शुद्ध एवम सात्विक आहार:
मोदीजी पहले से ही शुद्ध, सात्विक एवम कुदरती शाकाहारी खुराक ले रहे है. पुरे जीवन में नरेंद्र मोदी ने कभी नॉनवेज खाने को कभी छुआ तक नहीं. वो तीखी और ताली हुई चीजों से दूर ही रहते है. नवरात्र के नौ दिन तक कुछ भी खाये बिना सिर्फ गन-गुना पानी ही पीते है. अपने खाने पर नियंत्रण भी स्फूर्ति का एक राज़ है.

मोदीजी की स्फूर्ति का पांचवा कारन है बुलंद आत्मविश्वाश:
बुलंद आत्मविश्वाश से भरा मोदीजी का जीवन उनकी स्फूर्ति और कार्यक्षमता को बढ़ा देता है. बुलद आत्मविश्वाश हो तो कोई भी कुछ भी कर सकता है. आत्मविश्वाश से हम हमारी क्षमता को भी बढ़ा सकते है. मन की शक्ति से तन की शक्ति बढ़ सकती है और मोदीजी ने यह बात साबित कर दी है.

प्राइम मिनिस्टर ऑफ़ इंडिया नरेंद्र मोदी की स्फूर्ति के बारे में आप हिन्दी में वीडियो भी देख सकते हो. आपको एक बिनती है की उपयोगी आर्टिकल के लिए हमारा यह हिंदी ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर कर ले, ताकि आपको नयी पोस्ट के बारे में मेल नियमित मिलता रहे.